Sunday, May 8, 2011

RITIKAL(रीतिकाल )

रीतिबद्ध  धारा के कवि तथा उनके काव्य 

१. चिंतामणि----------- काव्य-विवेक, कविकुल कल्पतरू, श्रृंगार मंजरी
२. मतिराम------------ रसराज, अलंकार  पंचाशिका, ललित ललाम, वृत्त कौमुदी, मतिराम सतसई 
३. भूषण-------------- शिवराज भूषण, अलंकर प्रकाश, छंदोंहृदय  प्रकाश, शिवा बावनी, छत्रशाल   दशक
४. जसवंत सिंह------- भाषा भूषण, आनंद विलास,सिद्धांत- बोध , अनुभव प्रकाश
५. कुलपति मिश्र------ रस रहस्य, नख-शिख, दुर्गा भक्ति तरंगनी
६. मंडन--------------- रस रत्नावली,रस विलास,नैन पचासा, काव्य रत्न
७. देव -------------     भाव विलास, भवानी विलास, रस विलास , काव्य रसायन
८. पद्माकर ----------- जगत विनोद, पद्माभरण  , प्रताप सिंह विरुदावली, प्रबोध  पचासा , गंगा लहरी
९. गोप --------           रामचंद्राभरण , रामचंद्र भूषण, रामालंकर
१०. ग्वाल कवि ----     नख-शिख, अलंकार भ्रम-भंजन, रस रूप कवि दर्पण
11 . भिखारी दास  ---- काव्य-निर्णय, श्रृंगार निर्णय, रस सरांस, छंद  प्रकास,
12 .रसलीन -------     अंगदर्पण  ,  रस प्रबोध 
13 .सोमनाथ ------    श्रृंगार विलास, प्रेम पचीसी
14 .दूल्ह  -------         कविकुल कंठाभरण
15 .प्रताप साही  ------ व्यंगार्थ कौमुदी, श्रृंगार मंजरी, श्रृंगार शिरोमणि, अलंकार चिंतामणि, काव्य विनोद
16 .द्विजदेव -------- श्रृंगार लतिका,श्रृंगार बत्तिसी , कविकल्पद्रुम 

रीतिसिद्ध 
बिहारी ------- बिहारी सतसई 

रीतिमुक्त 

१. घनानंद ----- सुजानहित  प्रबंध, कृपाकंद निबंध, इश्कलता,
२. आलम ------ आलम केलि
३. बोधा ------- इश्कनामा, विरह वारिश,
४. ठाकुर ---- ठाकुर ठसक,ठाकुर शतक 

No comments:

Post a Comment